‘G-Saphal’ and ‘G-Maitri’ schemes: गुजरात सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं: जी-सफल योजना और जी-मैत्री योजना। इन योजनाओं का शुभारंभ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, 8 मार्च, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नवसारी में आयोजित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में किया गया। यह पहल राज्य की महिलाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त, 2023 को ‘लखपति दीदी योजना’ की शुरुआत की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य देश की महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। ‘लखपति दीदी’ स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की वे महिला सदस्य हैं जो कृषि, पशुपालन, छोटे पैमाने के उद्योगों जैसे विभिन्न आय स्रोतों से प्रति माह 10,000 रुपये या उससे अधिक और सालाना 1 लाख रुपये या उससे अधिक की आय अर्जित करती हैं। गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप पहले से ही लगभग 1 लाख 50 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इन महिलाओं की मेहनत और समर्पण को सम्मानित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। नवसारी के वांसी-बोरसी में आयोजित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में नवसारी, वलसाड और डांग जिलों की लगभग 1 लाख महिलाओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने चयनित ‘लखपति दीदियों’ से बातचीत की और पांच ‘लखपति दीदियों’ को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया। इस दौरान, गुजरात में ‘लखपति दीदी योजना’ की प्रगति को दर्शाने वाली एक फिल्म भी दिखाई गई। इसी महत्वपूर्ण अवसर पर जी-सफल योजना और जी-मैत्री योजना का भी शुभारंभ किया गया।
जी-सफल योजना (G-Safal Yojana)
जी-सफल का पूर्ण रूप है ‘गुजरात स्कीम फॉर अंत्योदय फैमिलीज फॉर ऑगमेंटिंग लाइवलीहुड्स’ (Gujarat Scheme for Antyodaya Families for Augmenting Livelihoods)। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अंत्योदय परिवारों की महिलाओं की आजीविका को बढ़ाना, उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और महिलाओं का सशक्तिकरण करना है। यह योजना विशेष रूप से राज्य के 2 आकांक्षी जिलों और 13 आकांक्षी तालुकाओं के 50 हजार अंत्योदय अन्न योजना कार्डधारक परिवारों को अगले पांच वर्षों में लाभान्वित करेगी। जी-सफल योजना के तहत, अंत्योदय परिवारों के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को वित्तीय सहायता और उद्यमिता प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
जी-सफल योजना की मुख्य विशेषताएं:
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| वित्तीय सहायता | प्रत्येक एसएचजी महिला को ₹1 लाख की सहायता प्रदान की जाएगी। |
| व्यावसायिक प्रशिक्षण | महिलाओं को विभिन्न व्यवसायों में कुशल बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। |
| कार्यान्वयन अवधि | 5 वर्ष |
| लक्षित लाभार्थी | 50,000 अंत्योदय अन्न योजना कार्डधारक परिवार। |
| फोकस क्षेत्र | 2 आकांक्षी जिले और 13 आकांक्षी तालुका। |
| फील्ड कोच | 50 से 60 महिलाओं के समूह पर 1 फील्ड कोच नियुक्त किया जाएगा। |
| क्षमता निर्माण और कोचिंग | महिलाओं को साप्ताहिक कोचिंग और क्षमता निर्माण सत्र प्रदान किए जाएंगे। |
जी-मैत्री योजना (G-Maitri Yojana)
जी-मैत्री का पूर्ण रूप है ‘गुजरात मेंटरशिप एंड एक्सीलरेशन ऑफ इंडिविजुअल्स फॉर ट्रांसफॉर्मिंग रूरल इनकम’ (Gujarat Mentorship and Acceleration of Individuals for Transforming Rural Income)। इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी समाधानों के लिए ग्रामीण स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और सामाजिक उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। गुजरात सामाजिक उद्यम कोष (G-SEF) ने अगले पांच वर्षों में ग्रामीण आजीविका-केंद्रित स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए ₹50 करोड़ आवंटित किए हैं। जी-मैत्री योजना गुजरात में 10 लाख ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आजीविका गतिविधियों के लिए सशक्त बनाएगी।
जी-मैत्री योजना की मुख्य विशेषताएं:
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| प्रोत्साहन सहायता | नए स्टार्टअप और विकासशील स्टार्टअप श्रेणियों में सामाजिक उद्यमों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। |
| लक्षित लाभार्थी | गुजरात की ग्रामीण महिलाएं और युवा। |
| पात्र सामाजिक उद्यम | लाभकारी और गैर-लाभकारी सामाजिक उद्यम जो ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए आजीविका को सक्षम करते हैं, वे भाग ले सकते हैं। |
| स्टार्टअप समर्थन | सीड और स्केल स्टार्टअप कार्यक्रमों के माध्यम से 5 वर्षों में 150 से अधिक स्टार्टअप का समर्थन किया जाएगा। |
| उद्यम विकास कार्यक्रम | स्टार्टअप्स को उनके विकास के विभिन्न चरणों में सहायता प्रदान करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। |
| सीड स्टार्टअप कार्यक्रम | शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को वित्तीय और मार्गदर्शन सहायता प्रदान की जाएगी। |
जी-सफल और जी-मैत्री योजना: एक तुलनात्मक दृष्टिकोण
| पहलू | जी-सफल योजना | जी-मैत्री योजना |
|---|---|---|
| मुख्य उद्देश्य | अंत्योदय परिवारों की महिलाओं की आजीविका बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाना। | ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और सामाजिक उद्यमिता को प्रोत्साहित करना। |
| लक्षित लाभार्थी | अंत्योदय अन्न योजना कार्डधारक परिवार (महिलाएं)। | ग्रामीण महिलाएं और युवा। |
| वित्तीय सहायता का स्वरूप | प्रत्येक एसएचजी महिला को ₹1 लाख की सीधी सहायता। | नए और बढ़ते सामाजिक उद्यमों को प्रोत्साहन सहायता। |
| प्रशिक्षण/मार्गदर्शन | व्यावसायिक प्रशिक्षण, साप्ताहिक कोचिंग और क्षमता निर्माण। | सीड और स्केल स्टार्टअप कार्यक्रमों के माध्यम से उद्यम विकास सहायता और मार्गदर्शन। |
| फोकस क्षेत्र | 2 आकांक्षी जिले और 13 आकांक्षी तालुका। | संपूर्ण गुजरात के ग्रामीण क्षेत्र। |
जी-सफल योजना और जी-मैत्री योजना दोनों ही गुजरात में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण पहल हैं। जहां जी-सफल योजना का ध्यान सीधे तौर पर गरीब परिवारों की महिलाओं को वित्तीय सहायता और कौशल विकास प्रदान करने पर है, वहीं जी-मैत्री योजना ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता का माहौल बनाकर महिलाओं और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने पर केंद्रित है। इन योजनाओं के माध्यम से, गुजरात सरकार ‘महिला-नेतृत्व विकास’ की भावना को साकार करने और राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर है।
इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए, पात्र व्यक्तियों और स्वयं सहायता समूहों को संबंधित सरकारी विभागों से संपर्क करना होगा और योजना के तहत निर्धारित मानदंडों को पूरा करना होगा। यह पहल निश्चित रूप से गुजरात की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी और उन्हें एक उज्जवल भविष्य की ओर ले जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- जी-सफल योजना क्या है? जी-सफल योजना गुजरात सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है जिसका उद्देश्य अंत्योदय परिवारों की महिलाओं की आजीविका को बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। इसके तहत प्रत्येक एसएचजी महिला को ₹1 लाख की सहायता और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- जी-मैत्री योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है? जी-मैत्री योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और सामाजिक उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आजीविका गतिविधियों के लिए सशक्त बनाएगी।
- इन योजनाओं का लाभ कौन उठा सकता है? जी-सफल योजना का लाभ अंत्योदय अन्न योजना कार्डधारक परिवार की महिलाएं उठा सकती हैं, जबकि जी-मैत्री योजना का लाभ गुजरात की ग्रामीण महिलाएं और युवा उठा सकते हैं जो ग्रामीण आजीविका-केंद्रित स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं।
- क्या इन योजनाओं के तहत कोई प्रशिक्षण भी दिया जाएगा? हां, जी-सफल योजना के तहत महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, और जी-मैत्री योजना के तहत स्टार्टअप्स को उद्यम विकास कार्यक्रम और मार्गदर्शन सहायता प्रदान की जाएगी।
- इन योजनाओं के लिए आवेदन कैसे करें? इन योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया और अन्य जानकारी के लिए, आपको गुजरात सरकार के संबंधित विभागों की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालयों से संपर्क करना होगा।
कॉल टू एक्शन
यदि आप गुजरात की एक महिला हैं और अंत्योदय परिवार से हैं, या यदि आप ग्रामीण क्षेत्र में एक युवा हैं और अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, तो जी-सफल योजना और जी-मैत्री योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकती हैं। इन योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अपना कदम बढ़ाएं!
